एक नई अध्ययन में कोमल कान उत्तेजना को करुणा ध्यान के साथ जोड़ा गया है ताकि आत्म-करुणा के स्तरों को तेजी से बढ़ाया जा सके। यह शरीर के विश्राम तंत्रिकाओं को सक्रिय करता है ताकि तेजी से भावनात्मक संतुलन और तनाव राहत प्राप्त हो सके। यह दृष्टिकोण दैनिक मानसिक स्वास्थ्य समर्थन के लिए आशाजनक दिखता है।